अंबाला,15 फरवरी-:अंबाला में पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल की जा रही प्रतिबंधित चाइनीज डोर ने एक दुर्लभ प्रजाति के उल्लू को गंभीर रूप से घायल कर दिया। डोर में उलझकर पक्षी आसमान से नीचे गिर पड़ा। सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उल्लू को रेस्क्यू किया और उसका उपचार शुरू कराया। विभाग ने लोगों से अपील की है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज डोर का इस्तेमाल न करें।
आसमान में उड़ती पतंगें भले ही देखने में आकर्षक लगती हों, लेकिन इनके साथ इस्तेमाल होने वाली चाइनीज डोर बेहद खतरनाक साबित हो रही है। यह न केवल पक्षियों के लिए जानलेवा है, बल्कि इंसानों को भी गंभीर रूप से घायल कर सकती है।ताजा मामला अंबाला शहर का है, जहां एक दुर्लभ प्रजाति का उल्लू पतंग की चाइनीज डोर में फंस गया। डोर उसके पंखों और शरीर में उलझ गई, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में उल्लू को देखा और तुरंत वन्यजीव विभाग को सूचना दी।सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक उल्लू को डोर से मुक्त कराया। फिलहाल पक्षी का इलाज जारी है और उसे सुरक्षित स्थान पर निगरानी में रखा गया है।
वन्यजीव विभाग के सदस्य भरत ने बताया कि चाइनीज डोर पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद कुछ लोग इसका उपयोग कर रहे हैं, जिससे वन्यजीव और आम लोग दोनों खतरे में हैं। उन्होंने नागरिकों से जिम्मेदारी निभाने और प्रतिबंधित डोर का उपयोग न करने की अपील की है।