नई दिल्ली। बारामती में हुए लियरजेट-45 विमान हादसे की जांच कर रही एजेंसी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने बताया है कि ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालने के लिए विशेष तकनीकी सहायता मांगी गई है। यह हादसा 28 जनवरी को हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
AAIB के अनुसार, विमान में दो रिकॉर्डर मौजूद थे। इनमें एक फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और दूसरा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल है। हादसे के बाद दोनों रिकॉर्डर आग में बुरी तरह झुलस गए थे।
जांच एजेंसी ने बताया कि DFDR का डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, जबकि CVR से डेटा निकालना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। इसी कारण CVR से रिकॉर्डिंग निकालने के लिए अमेरिका से तकनीकी सहायता ली जा रही है, क्योंकि यह उपकरण वहीं निर्मित है। AAIB ने साफ किया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक लोग किसी भी तरह की अफवाह या अटकलों से बचें।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस हादसे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने ब्लैक बॉक्स के जल जाने को “रहस्यमय और गंभीर” बताते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। वहीं एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने हादसे को साजिश करार देने की आशंका जताई। उन्होंने दावा किया कि हादसे से पहले अंतिम 24 घंटों में यात्रा योजना अचानक बदली गई थी।
प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल जांच अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों के अनुसार की जा रही है।