अंबाला। जिले में डॉग बाइट के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। नागरिक अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में पशु काटने के मामलों में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रतिदिन औसतन 50 से 60 लोगों का एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन किया जा रहा है, जिससे समस्या की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी माह में अंबाला जिले में डॉग बाइट के दर्जनों मामले सामने आए। इनमें अंबाला सिटी में लगभग 22 केस दर्ज किए गए, जबकि अंबाला कैंट क्षेत्र में यह संख्या 50 से 60 के बीच रही। बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी सीएचसी और पीएचसी स्तर पर विशेष स्क्रब एरिया बनाए गए हैं, जहां डॉग बाइट या किसी भी एनिमल बाइट के मरीज का घाव तुरंत साबुन और पानी से साफ कर वायरस का लोड कम किया जाता है। इसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत टीकाकरण शेड्यूल शुरू किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामलों को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। हाल ही में महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा के निर्देशों के बाद जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है, ताकि डॉग बाइट मामलों की निगरानी और समन्वय बेहतर तरीके से हो सके।
वहीं, नगर निगम अंबाला की ओर से भी आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की बात कही गई है। निगम अधिकारियों के अनुसार स्ट्रे डॉग्स को पकड़ने और नसबंदी के लिए ठेकेदार को टेंडर आवंटित कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। जल्द ही पूरे शहर में विशेष अभियान चलाया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्या के समाधान के लिए डीडीपीओ और बीडीपीओ कार्यालयों के साथ समन्वय किया जा रहा है। हाल ही में दुर्गा नगर सहित कुछ इलाकों में क्लस्टर केस सामने आने के बाद नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि संयुक्त प्रयासों से डॉग बाइट की घटनाओं में कमी लाने की कोशिश की जा रही है।