करनाल। फर्जी गेटपास के जरिए करोड़ों रुपये के धान घोटाले में पुलिस कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में घरौंडा अनाज मंडी के सचिव चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि घोटाले से जुड़े अन्य तथ्यों की गहन जांच की जा सके।
जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी गेटपास काटकर सरकारी खरीद प्रणाली में अनियमितताएं की गईं, जिससे भारी वित्तीय नुकसान हुआ। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य अनाज मंडियों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इससे पहले करनाल अनाज मंडी की सचिव आशा, जुंडला मंडी के सचिव दीपक सिहाग और प्रोडक्शन वारंट पर लिए गए डीएफएससी अनिल को अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक फर्जी गेटपास से जुड़े छह अलग-अलग मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। अब तक इस घोटाले में कुल 26 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि करनाल मंडी के सुपरवाइजर पंकज तुली की जेल में बंद रहने के दौरान बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी।
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।