शिमला, संजू-:मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज श्रीनगर में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक एवं प्रेस वार्ता में कहा कि हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों के संभावित प्रभावों का गहन अध्ययन किया जा रहा है और राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के बागवानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि सेब, अखरोट, बादाम तथा अन्य फलों के आयात में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार एक व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में सेब उद्योग लगभग 5,000 करोड़ रुपये का वार्षिक योगदान देता है तथा करीब 2.5 लाख परिवारों की आजीविका इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी नीतिगत बदलाव का प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उचित मूल्य दिलाने, विपणन ढांचे को मजबूत करने तथा कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा न्यूज़ीलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ किए गए समझौतों के विभिन्न प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। राज्य सरकार अन्य पहाड़ी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर साझा हितों की रक्षा के लिए संयुक्त पहल पर भी विचार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और बागवानों के सुझावों को नीति निर्माण में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके हितों की अनदेखी नहीं होने देगी और आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से पक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।