हमीरपुर, अरविन्द-: धनेटा गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), छात्राओं एवं अभिभावकों ने डीसी कार्यालय हमीरपुर के बाहर जोरदार प्रदर्शन कियाप्रदर्शनकारियों ने बताया कि स्कूल को मर्ज करके इसे एक CBSE स्कूल में बदल दिया गया है, जिसका वे पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान एसएमसी के सदस्य, छात्राएं एवं उनके अभिभावक एकत्रित होकर आरोप लगाया कि शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों को एचपी बोर्ड के माध्यम से ही शिक्षा दिलवाना चाहते हैं और उन्हें सीबीएसई बोर्ड में नहीं भेजना चाहते।धनेटा गर्ल्स स्कूल वर्ष 1934 से संचालित है और दशकों से स्थानीय छात्राएं इसी विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल में उत्तम गुणवत्ता की पढ़ाई प्रदान की जाती है और स्थानीय स्तर पर यह स्कूल बच्चों की शिक्षा के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
एसएमसी की प्रधान नीना देवी ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से स्कूल को मर्ज करने के फैसले के बारे में सूचना दी गई है, जिसका वे पूरी तरह विरोध करती हैं। उन्होंने कहा कि इस मर्जिंग से स्थानीय छात्राओं को एचपी बोर्ड के बजाय सीबीएसई में पढ़ना पड़ना होगा, जिससे शिक्षा की दिशा और गुणवत्ता पर विपरीत असर पड़ेगा।नीना देवी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग करते हुए कहा कि स्कूल को मर्ज न किया जाए और इसे एचपी बोर्ड से जुड़े विद्यालय के रूप में ही जारी रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती तो वे अपने अधिकारों के लिये सड़कों पर और बड़ा आंदोलन करेंगे।एक अभिभावक ने कहा कि धनेटा गर्ल स्कूल की मर्जिंग से बच्चों के रोज़मर्रा के जीवन पर भी असर पड़ेगा और वे अपनी इच्छानुसार शिक्षा चुनने से वंचित रहेंगे।विद्यालय की छात्रा अपेक्षा ने भी मुख्यमंत्री से विनती की कि स्कूल को मर्ज न किया जाए और वर्तमान व्यवस्था को बरकरार रखा जाए, क्योंकि यहां बच्चों को बेहतरीन तरीके से पढ़ाया जाता है।प्रदर्शन में शामिल सभी ने एक संयुक्त ज्ञापन एडीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा, जिसमें स्कूल को मर्ज ना करने की मांग दोबारा लिखित रूप से की गई है।