यमुनानगर । खेड़ी लक्खा सिंह पुलिस चौकी के पास 26 दिसंबर 2024 को हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड में शामिल एक लाख रुपये के इनामी शूटर शुभम पंडित के संबंध में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि फरारी के दौरान उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की, ताकि वह देश छोड़कर विदेश भाग सके। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से उसके विदेश भागने की योजना की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस एंगल पर गंभीरता से जांच की जा रही है।
गांधीनगर थाना पुलिस ने शुभम पंडित के खिलाफ धोखाधड़ी, पासपोर्ट एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फर्जी पहचान का सहारा ले रहा है। जांच में पाया गया कि उसने उत्तर प्रदेश और झारखंड के अलग-अलग पतों पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया।
लखनऊ स्थित पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन करते समय उसने अपने पिता का नाम पवन कुमार और माता का नाम कमलेश कुमार दर्ज कराया, जबकि उसके वास्तविक पिता का नाम घनश्याम तिवारी और माता का नाम नीरज तिवारी है। उसने जिला लखीमपुर खीरी के खोसियाना का पता दर्शाया। इसी तरह रांची स्थित पासपोर्ट कार्यालय में भी फर्जी पते के साथ आवेदन किया गया। आवेदन पत्र में जन्मतिथि भी गलत दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, शुभम का वास्तविक पता यमुनानगर की बैंक कॉलोनी तथा उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के साधोगंज गांव का है।
उल्लेखनीय है कि 26 दिसंबर 2024 को हुए तिहरे हत्याकांड में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गांव मखमूलपुर निवासी 35 वर्षीय पंकज मलिक, गोलनी निवासी 32 वर्षीय वीरेंद्र राणा और उन्हेडी निवासी 34 वर्षीय अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीनों सुबह जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। इस वारदात से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी।
जांच में सामने आया था कि इस हत्याकांड की साजिश वीरेंद्र प्रताप उर्फ काला राणा, उसके भाई सूर्यप्रताप उर्फ नोनी और सन्नी सलेमपुर ने रची थी। नोनी और सन्नी फिलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। इस मामले में अब तक 21 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो शूटरों के सहयोगी थे। शूटर रोमिल वोहरा पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि एक अन्य शूटर राहुल को दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। शुभम पंडित, अंकित गिरी सहित तीन शूटर अभी भी फरार हैं।
फरारी के दौरान 27 नवंबर 2025 को शुभम पंडित पर पंजाब के फगवाड़ा में फायरिंग करने का भी आरोप है। इस घटना के बाद पंजाब पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी थी। छापेमारी के दौरान उसके पिता घनश्याम तिवारी, माता नीरज तिवारी और भाई दीपक तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। उन पर शुभम को शरण देने और फरारी में मदद करने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।