मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हाल ही में हुई महिला नीलम की संदिग्ध मौत को लेकर जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। कोटली क्षेत्र की निवासी नीलम की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए बुधवार को मंडी शहर में अलग-अलग संगठनों ने प्रदर्शन किया और सीबीआई जांच की मांग उठाई।
समाजसेवी राजेश कपूर अपने समर्थकों के साथ स्मार्ट मीटर मुद्दे और नीलम प्रकरण में केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग को लेकर सेरी मंच से रैली निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शहर भर में मार्च करते हुए नीलम को न्याय दिलाने के नारे लगाए। राजेश कपूर ने पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाए, जिसमें कहा गया था कि नीलम ने मजिस्ट्रेट के समक्ष स्वयं को आग लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जो महिला बोलने की स्थिति में नहीं थी, उसका बयान दर्ज किए जाने का दावा संदेह पैदा करता है।
दूसरी ओर समाजसेवी भास्कर ठाकुर और अनुपमा सिंह ने भी अलग से उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीलम को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अनुपमा सिंह ने नीलम के बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने की मांग की।
नीलम के भाई रामचंद्र ने दावा किया कि पीजीआई में उपचार के दौरान नीलम ने इशारों में अपने पति पर पेट्रोल छिड़ककर जलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा कि ससुराल पक्ष का कोई सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ। वहीं नीलम के जेठ ने कहा कि उन्हें पहले जहर खाने की सूचना दी गई थी, लेकिन मौके पर पहुंचने पर नीलम जली हुई अवस्था में मिली।
दोनों गुटों के अलग-अलग प्रदर्शनों के दौरान कुछ समय के लिए तीखी बहस भी हुई, जिससे उपायुक्त कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की और सीमित संख्या में लोगों को कार्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति दी।