चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने सरकार से मांग की कि जिस तरह एएसआई संदीप लाठर की पत्नी को विशेष मामले में नौकरी प्रदान की गई, उसी तर्ज पर वाई पूरण कुमार की बेटी को भी सरकारी सेवा में अवसर दिया जाए। साथ ही उन्होंने परिजनों को उचित मुआवजा देने की भी मांग रखी।
नरेश सेलवाल ने सदन में कहा कि वाई पूरण कुमार ने पुलिस विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं और उनके निधन के बाद परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारे की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
इस मुद्दे पर सदन में कुछ देर के लिए तीखी बहस भी हुई। विपक्ष ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की, ताकि ऐसे मामलों में समान रूप से निर्णय लिए जा सकें।
विवाद बढ़ने पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वाई पूरण कुमार की बेटी को नौकरी का प्रस्ताव पहले ही दे दिया है। मंत्री ने कहा कि जैसे ही वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करेंगी, सरकार उन्हें नियमानुसार नियुक्ति देने के लिए तैयार है।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार शहीद और दिवंगत कर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदनशील है तथा सभी मामलों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाती है। सदन में दिए गए आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ, हालांकि विपक्ष ने इस विषय पर आगे भी निगरानी रखने की बात कही।