कैथल। हरियाणा के चर्चित गायक रॉकी मित्तल ने वर्ष 2015 के एक मामले को लेकर कैथल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मित्तल ने पुलिस अधीक्षक उपासना को लिखित शिकायत देकर दावा किया है कि उन्हें साजिश के तहत 21 दिनों तक अवैध रूप से जेल में रखा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रॉकी मित्तल के अनुसार, 2015 में उन पर एक न्यायाधीश की गाड़ी रोकने और हाथापाई करने का आरोप लगाते हुए शहर थाना पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की गैर-जमानती धाराएं जोड़कर उन्हें 21 दिनों के लिए जेल भेज दिया। उस समय आरोप लगाया गया था कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जज के साथ अभद्र व्यवहार किया।
मित्तल का कहना है कि उनके वकील द्वारा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में खुलासा हुआ कि जिस दिन की घटना बताई गई, उस दिन संबंधित जज ड्यूटी पर नहीं बल्कि अवकाश पर थे। इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन एसएचओ शिवकुमार, जो वर्तमान में पूंडरी में तैनात हैं, ने न्यायालय में स्वीकार किया कि प्रारंभिक तौर पर लगाई गई गैर-जमानती धाराएं उचित नहीं थीं और बाद में उन्हें हटा दिया गया।
गायक ने अपनी शिकायत में तत्कालीन डीएसपी दिलीप सिंह, कुलवंत सिंह और संबंधित एसएचओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन धाराओं के आधार पर उन्हें 21 दिन जेल में रहना पड़ा, उन दिनों का जवाब दिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 2015 में कैथल की नई अनाज मंडी में आढ़ती मुनीष मित्तल की हत्या के बाद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर रॉकी मित्तल ने समर्थकों के साथ जींद रोड पर जाम लगाया था। इसी प्रदर्शन के दौरान जज की गाड़ी रोकने और हाथापाई का मामला सामने आया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी।
इस पूरे मामले पर एसपी उपासना का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, संबंधित थाना प्रभारी का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर गैर-जमानती धाराएं लगाई गई थीं, लेकिन बाद में तथ्यों के अनुसार संशोधन किया गया।