ऊना, राकेश-:कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देशराज गौतम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन में विरोध करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण विषय से जुड़ा हुआ था और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी।
देशराज गौतम ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति देशहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाता है तो उसे देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप में फंसाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था नहीं हुई, फिर भी युवाओं पर कठोर धाराएं लगाई गईं, जो चिंताजनक है।उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 दिल्ली में आयोजित हुए थे, उस समय भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। लेकिन उस समय की सरकार ने किसी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इससे स्पष्ट होता है कि राजनीतिक विरोध को देशद्रोह से जोड़ना उचित नहीं है।
देशराज गौतम ने कहा कि युवाओं ने देश के हित में अपनी बात रखी है और यह उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात के समय बिना वर्दी के पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। बिना संबंधित अधिकारियों को सूचित किए इस प्रकार की कार्रवाई करना नियमों के विरुद्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की सराहना भी की और कहा कि हिमाचल प्रदेश में आने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, लेकिन युवाओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस देशहित और जनहित के मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।