ऊना, राकेश-: ऊना में मीडिया से बातचीत करते हुए हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष राजेश पराशर ने हिमाचल सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नई दरें भले ही 1 अप्रैल से लागू होंगी, लेकिन इसका सीधा और बड़ा असर निजी बस ऑपरेटरों पर पड़ेगा।
राजेश पराशर ने कहा कि कॉरिडोर फैसिलिटी के तहत चलने वाली निजी बसें हिमाचल प्रदेश में महज दो किलोमीटर का ही सफर तय करती हैं। ऐसे में उनसे भारी-भरकम एंट्री टैक्स वसूलना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग की कि कॉरिडोर फैसिलिटी में संचालित बसों को एंट्री टैक्स से पूर्ण रूप से छूट दी जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 3500 निजी बसें संचालित हो रही हैं और निजी बस ऑपरेटर पहले ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। कोरोना काल के दौरान भी निजी बस ऑपरेटरों ने सरकार का सहयोग किया और आर्थिक योगदान दिया, लेकिन इसके बावजूद लगातार बढ़ते टैक्सों ने उनकी कमर तोड़ दी है।पराशर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार को सही स्थिति से अवगत नहीं कराया और वास्तविक परिस्थितियों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से मांग की कि बढ़ाए गए एंट्री टैक्स पर पुनर्विचार किया जाए तथा कॉरिडोर फैसिलिटी में चलने वाली बसों को राहत प्रदान की जाए।