हिसार। सर्वेश अस्पताल के संचालक डॉ. उमेश कालड़ा, उनके बिजनेस पार्टनर के ठिकानों और संबंधित अस्पतालों पर आयकर विभाग की कार्रवाई चौथे दिन भी जारी रही। विभागीय टीम लगातार दस्तावेजों की जांच कर रही है और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
जांच के दौरान आयकर अधिकारियों ने ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम) से संबंधित फाइलों की भी पड़ताल शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इन फाइलों में अनियमितताओं और संभावित फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण मेडिकल क्लेम से जुड़े दस्तावेजों और मरीजों की फाइलों की बारीकी से जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई बैंक लॉकरों की जानकारी सामने आई है। इन लॉकरों को जांच के मद्देनजर सील कर दिया गया है, ताकि बिना आयकर विभाग की अनुमति के इन्हें खोला न जा सके।
टीम ने अस्पताल के एचआर, फाइनेंस और हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की। खातों और दस्तावेजों का मिलान कर वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि आयकर विभाग का सर्वे बुधवार सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ था। रोहतक से करीब 120 अधिकारियों और कर्मचारियों की आठ टीमें सुबह हिसार पहुंचीं और डॉ. कालड़ा के आवास, सर्वेश अस्पताल, सर्वोदय अस्पताल और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर एक साथ जांच शुरू की गई। यह कार्रवाई लगातार 72 घंटे से अधिक समय से जारी है।