अमेरिका | मध्य-पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाकर किए गए संयुक्त हवाई हमलों—जिसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया—के बाद क्षेत्र में संघर्ष और भड़क उठा है। जवाबी कार्रवाई करते हुए तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जिससे पूरे इलाके में अस्थिरता गहरा गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने आपातकालीन वीडियो संदेश जारी कर 14 देशों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों से तत्काल क्षेत्र छोड़ने की अपील की है। विदेश विभाग ने ‘DEPART NOW’ यानी “अभी निकलें” शीर्षक से सख्त एडवाइजरी जारी की है। रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा संदेश में कहा कि मौजूदा सुरक्षा जोखिम अब सामान्य स्तर से कहीं आगे बढ़ चुके हैं और हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि जब तक व्यावसायिक उड़ानें उपलब्ध हैं, तुरंत सुरक्षित स्थानों के लिए रवाना हो जाएं।
अमेरिका द्वारा जारी रेड अलर्ट में जिन देशों को शामिल किया गया है, उनमें ईरान, इराक, सीरिया, यमन, लेबनान और इजरायल (वेस्ट बैंक व गाजा सहित) को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे खाड़ी के प्रमुख देशों के साथ मिस्र और जॉर्डन को भी एडवाइजरी में शामिल किया गया है।
तनाव बढ़ने की एक बड़ी वजह ईरान की हालिया जवाबी कार्रवाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास के आसपास हमले की कोशिश की गई, जबकि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली है। कतर और यूएई के औद्योगिक इलाकों में भी धुएं के गुबार देखे जाने की खबर है।
इसके साथ ही ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता माना जाता है। इसके अवरुद्ध होने से न केवल ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नौवहन और समुद्री सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि खाड़ी क्षेत्र में हुए हमलों में अब तक छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों के लिए ‘स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम’ (STEP) पोर्टल सक्रिय कर दिया है। विदेश विभाग ने नागरिकों से step.state.gov पर पंजीकरण करने की अपील की है, ताकि उन्हें नजदीकी दूतावास से ताजा सुरक्षा अपडेट और आवश्यक सहायता मिल सके। आपात स्थिति में 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात कूटनीतिक स्तर पर जल्द नियंत्रित नहीं किए गए तो यह संकट व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा ढांचे पर दूरगामी होगा।