रोहतक। खेड़ी साध के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी प्रदीप डागर को सीआईए-2 टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ रोहतक के मदीना गांव निवासी सोमबीर मदीना को भी दबोचा गया। दोनों आरोपी घायल अवस्था में पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली के झाड़ौदा गांव निवासी प्रदीप डागर (37) अपने साथी सोमबीर (37) के साथ बाइक पर कन्हेली की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर पहरावर गांव रोड पर कन्हेली के पास घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया।
मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से करीब दस राउंड फायरिंग हुई। आरोपियों की ओर से चलाई गई गोलियों में दो एएसआई संत कुमार और दिनेशको गोली लगी, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट पहनने के कारण उनकी जान बच गई। मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
गौरतलब है कि रंजिश के चलते सत्यवान की खरावड़ बाईपास के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चार दिन बाद उसका शव कन्हेली हेड के पास नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस पहले ही भिवानी के भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया और भाली के मनीष समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि प्रदीप डागर फरार चल रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच 2018 से रंजिश चली आ रही थी। उस वर्ष खेड़ी साध निवासी धर्मेंद्र की हत्या हुई थी, जिसमें सत्यवान को उम्रकैद की सजा मिली थी। करीब छह महीने पहले वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का मानना है कि उसी रंजिश के चलते सत्यवान की हत्या की गई।
आरोपी प्रदीप डागर का आपराधिक रिकॉर्ड भी गंभीर बताया जा रहा है। दिल्ली में उसके खिलाफ तीन हत्या, एक आर्म्स एक्ट और एक मारपीट का मामला दर्ज है। सीआईए ने दिल्ली पुलिस से उसका विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड तलब किया है, जबकि सोमबीर मदीना के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
सीआईए-2 प्रभारी एसआई सतीश कादियान ने बताया कि सत्यवान हत्याकांड में वांछित प्रदीप डागर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है और आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़कर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।