धर्मशाला, राहुल चावला-:धर्मशाला स्थित कांगड़ा आर्ट म्यूजियम में आयोजित मंडाला आर्ट प्रदर्शनी कला प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इस प्रदर्शनी की खास बात यह है कि इसकी पूरी आय विशेष रूप से सक्षम बच्चों की सहायता के लिए दान की जाएगी। रिटायर्ड प्रिंसिपल और कलाकार शुभ्रा गुप्ता ने अपनी मंडाला आर्ट की कृतियों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया है और इससे होने वाली 100 प्रतिशत राशि हारमनी डे केयर सेंटर में पढ़ने वाले विशेष बच्चों के सहयोग के लिए समर्पित की जाएगी।
प्रदर्शनी के माध्यम से शुभ्रा गुप्ता ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं बल्कि समाज सेवा का सशक्त जरिया भी बन सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोग मंडाला आर्ट की कृतियां खरीदकर इस सराहनीय पहल का हिस्सा बनें, ताकि जरूरतमंद बच्चों की मदद की जा सके।शुभ्रा गुप्ता ने बताया कि उन्हें बचपन से ही कला के प्रति गहरी रुचि थी, लेकिन उस समय संसाधनों की कमी के कारण वह इस क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाईं। अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने लंबे समय तक प्राध्यापिका के रूप में सेवाएं दीं और बाद में प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुईं। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपनी पुरानी रुचि को फिर से जीवित किया और विभिन्न कला शैलियों को सीखना शुरू किया।उन्होंने मधुबनी, स्टोन आर्ट और बॉटल आर्ट जैसी कई विधाओं में काम किया, लेकिन अंततः मंडाला आर्ट से उनका विशेष लगाव बन गया। उनके अनुसार मंडाला आर्ट केवल चित्रकारी नहीं है, बल्कि यह ध्यान और आध्यात्मिक शांति का भी माध्यम है। इस कला को बनाने की प्रक्रिया उन्हें मानसिक सुकून और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।
जुलाई 2022 में सेवानिवृत्ति के बाद से अब तक वह चार कला प्रदर्शनियां आयोजित कर चुकी हैं। इससे पहले उनकी कृतियां शिमला की गेयटी आर्ट गैलरी और कुल्लू के नग्गर स्थित आर्ट गैलरी में भी प्रदर्शित की जा चुकी हैं, जहां उन्हें कला प्रेमियों से सराहना मिली।इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डीआईजी नॉर्दर्न रेंज सौम्या ने शुभ्रा गुप्ता की पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी कला प्रदर्शनियां न केवल कलाकारों को मंच प्रदान करती हैं बल्कि हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को भी जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने समय का रचनात्मक और सामाजिक कार्यों में उपयोग करना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।