मंडी, धर्मवीर-: उपमंडल सरकाघाट के चंदैश क्षेत्र के गांव बड़ा समाहल में माता-पिता के पढ़ाई करने और खेलने के लिए मना करने की डांट के बाद नौंवी कक्षा के 13 वर्षीय छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। वार्षिक परीक्षा देकर लौटे बेटे को परिजनों ने पढ़ने को कहा था। इसके बाद कमरे में बेटे ने खौफनाक कदम उठा लिया। घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों की रो रोकर बुरा हाल है। सरकाघाट पुलिस मामले में जांच पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार अनिल कुमार (13) पुत्र दुनी चंद निवासी गांव बड़ा समाहल वार्षिक परीक्षा देकर घर लौटा था। बीते वीरवार शाम उसकी मां खिमी देवी व पिता ने उसे पढ़ाई करने के लिए कहा और खेलने से मना करते हुए डांट लगाई। इसके बाद मां खुद रसोई में खाना बनाने चली गई। करीब एक घंटे बाद जब मांग नीचे कमरे में यह देखने आई कि अनिल पढ़ाई कर रहा है या नहीं, तो कमरे का दरवाजा खोलते ही उनके होश उड़ गए।कमरे के अंदर पंखे की कुंडी से फंदे पर अनिल कुमार लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही मां की चीख-पुकार सुनकर परिवार और गांव के अन्य लोग तुरंत बच्चे को नागरिक अस्पताल सरकाघाट लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद चंदैश क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में शोक की लहर है और पूरा इलाका गमगीन माहौल में डूबा हुआ है। उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने किसी तरह का शक जाहिर नहीं किया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
दवाब न बनाएं अभिभावक, खेलने भी दें : विशेषज्ञ
परीक्षा आती जाती रहती हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों पर किसी भी तरह का दवाब न बनाएं। परीक्षा के दौरान बच्चों में स्ट्रेस रहता है। दिमाग को रिलेक्स करने के लिए खेल भी जरूरी है। बच्चों को अपनी निगरानी में खेलने दें। पढ़ने के लिए भी अभिभावक गाइड करें। परीक्षा पास होने पर अंतिम समय में अधिक जोर देने के बजाए सालभर पढ़ाई में फोकस करें तो बेहतर रहेगा। हर स्थिति को अभिभावक ध्यान में रखें।
-डॉ. अनीता ठाकुर, मनोचिकित्सक, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी।