समर एक्सप्रेस /शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए कांग्रेस नेता अनुराग शर्मा के सम्मान में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अनुराग शर्मा के चयन को संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने एक ऐसे कार्यकर्ता को संसद तक पहुंचाया है, जिसने लंबे समय तक संगठन में काम किया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी, ने हमेशा जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की बात कही है। अनुराग शर्मा का राज्यसभा के लिए चयन इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा पैदा होगी, क्योंकि उन्हें यह विश्वास मिलेगा कि मेहनत और समर्पण के आधार पर उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के पास संपत्ति होना अपने आप में गलत नहीं है। सुक्खू ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई आम कार्यकर्ता करोड़पति नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुराग शर्मा की संपत्ति उनके परिवार की मेहनत और व्यापार से अर्जित है, न कि राजनीति के माध्यम से कमाई गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अनुराग शर्मा के पिता वर्षों से ठेकेदारी के व्यवसाय से जुड़े रहे हैं और उनकी कमाई पूरी तरह वैध है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अनुराग शर्मा पिछले करीब 24 वर्षों से संगठन से जुड़े हुए हैं और उन्होंने छात्र राजनीति के दौर से ही पार्टी के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने से संगठन और मजबूत होगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कार्यकाल में भवन निर्माण से जुड़े करीब एक हजार करोड़ रुपये के ठेके उनके करीबी ठेकेदारों को दिए गए थे। हालांकि जय राम ठाकुर द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कोई टिप्पणी नहीं की।
वहीं, राज्यसभा सांसद बनने के बाद सम्मानित किए जाने पर अनुराग शर्मा ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह नई जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता के साथ निभाने के लिए तैयार हैं। अनुराग शर्मा ने कहा कि उन्होंने छात्र जीवन से संघर्ष किया है और हमेशा संगठन के लिए काम किया है। अब उन्हें संसद में हिमाचल प्रदेश के हितों की आवाज उठाने का अवसर मिला है, जिसे वह पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाएंगे।
अपनी संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग शर्मा ने कहा कि उनके पिता वर्ष 1979 से सरकारी ए-क्लास कॉन्ट्रैक्टर रहे हैं और परिवार लंबे समय से व्यापार से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि परिवार की सभी आय का पूरा हिसाब-किताब है और नियमित रूप से टैक्स भी भरा जाता रहा है। अनुराग शर्मा ने बताया कि उन्होंने चुनावी हलफनामे के साथ अपनी बैलेंस शीट भी संलग्न की है, जिसे कोई भी देख सकता है।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पैतृक कारोबार को आगे बढ़ाया है और सभी आर्थिक लेन-देन पारदर्शिता के साथ किए जाते हैं। अनुराग शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके किसी भी दस्तावेज में कोई जानकारी छिपाई नहीं गई है और न ही किसी तरह की त्रुटि है।