समर एक्सप्रेस /शिमला -:हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, सोलन और शिमला जिलों को जोड़ने वाले सोलन–संगड़ाह–शिलाई मार्ग की जर्जर और जोखिमपूर्ण स्थिति का मुद्दा भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में उठाया। उन्होंने नियम 377 के तहत इस महत्वपूर्ण सड़क के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और आधुनिक सुरक्षा उपायों को जल्द लागू करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि सोलन से शिलाई तक जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-105 से जुड़ती है और मीनस में लोक निर्माण विभाग के मार्ग से मिलकर समाप्त होती है। लगभग 128.325 किलोमीटर लंबा यह मार्ग राजगढ़, संगड़ाह और शिलाई डिवीजनों से होकर गुजरता है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही और स्थानीय अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह पूरा मार्ग सिंगल लेन सड़क है, जबकि इस पर दोतरफा यातायात चलता है। सड़क संकरी होने के साथ-साथ इसमें कई तीखे मोड़ और खड़ी ढलानें हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध भी नहीं हैं, जिसके कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।
सुरेश कश्यप ने हाल ही में हरिपुरधार क्षेत्र में हुई दर्दनाक बस दुर्घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी 2026 को एक बस लगभग 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह घटना सड़क की खतरनाक स्थिति को उजागर करती है और यह स्पष्ट करती है कि इस मार्ग के सुधार की दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
सांसद ने यह भी बताया कि इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए लगभग 22 मीटर तक भूमि अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। ऐसे में सड़क के उन्नयन और विस्तार के लिए पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह मार्ग पच्छाद, चौपाल और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ता है और यहां के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि इस सड़क का उपयोग न केवल दैनिक आवागमन के लिए किया जाता है, बल्कि कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन गतिविधियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी यह मार्ग अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में इसका सुरक्षित और सुगम होना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, सामरिक महत्व और सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप उन्नयन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू किया जाए।