समर एक्सप्रेस /शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम पहल की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी में शिमला में हिमाचल सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत प्रदेश में डेयरी विकास को नई गति देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जाएगा। इस अवसर पर NDDB के चेयरमैन मिनेश शाह और कृषि एवं पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। NDDB के साथ हुए इस समझौते से दूध उत्पादन बढ़ाने, डेयरी ढांचे को विकसित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार का प्रयास है कि गांवों में रहने वाले लोगों को डेयरी गतिविधियों के जरिए स्वरोजगार के अवसर मिलें और उनकी आय में बढ़ोतरी हो।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तैयार होने वाले डेयरी उत्पाद ‘हिम’ ब्रांड के नाम से लोगों तक पहुंचाए जाएंगे। इसके साथ ही गुणवत्ता और पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही नई न्यूट्रिशन पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। इस नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को मिलने वाले खाद्य उत्पाद पोषण से भरपूर हों और केवल पेट भरने तक सीमित न रहें।उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिपो में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की पोषण गुणवत्ता की जांच भी जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री मिल रही है। सरकार इस दिशा में व्यापक योजना तैयार कर रही है।
वहीं, खराब मौसम के कारण अटल टनल रोहतांग के पास फंसे पर्यटकों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटक हमारे मेहमान हैं और ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के साथ उनकी हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू के उपायुक्त को निर्देश दिए जाएंगे कि फंसे हुए पर्यटकों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित बाहर निकाला जाए और उन्हें हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इसके अलावा प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि जल्द से जल्द कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही केंद्र सरकार से भी डोमेस्टिक और कमर्शियल दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।