हमीरपुर, अरविन्द -:हमीरपुर जिला में आंखों से जुड़ी संक्रामक बीमारी आई फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं। बदलते मौसम के साथ इस संक्रमण ने दस्तक दे दी है और कई लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की आई ओपीडी में रोजाना तीन से चार मरीज आई फ्लू के लक्षणों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाइयां और सावधानियां बताकर घर भेज रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आई फ्लू एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकता है। इसलिए संक्रमित व्यक्ति को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। साथ ही लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि किसी से हाथ मिलाने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।
मौसम में बदलाव के कारण इस बीमारी के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। गर्मियों के दौरान आंखों से जुड़ी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं, इसलिए डॉक्टर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।आई फ्लू के प्रमुख लक्षणों में आंखों का लाल होना, तेज खुजली, जलन, आंखों से पानी आना और पलकों में चिपचिपा स्राव शामिल हैं। कई मामलों में सुबह उठने पर आंखें चिपकी हुई महसूस होती हैं। इसके अलावा आंखों में किरकिरापन और रोशनी के प्रति संवेदनशीलता भी बढ़ सकती है। यह संक्रमण वायरल या बैक्टीरियल कारणों से हो सकता है और एक या दोनों आंखों को प्रभावित कर सकता है। पलकों के अंदरूनी हिस्से में सूजन और जलन भी इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं।
डॉक्टरों के अनुसार इस संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता बेहद जरूरी है। लोगों को बार-बार हाथ धोने, आंखों को बार-बार न छूने और तौलिया या रूमाल जैसी व्यक्तिगत चीजें किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है। यदि किसी व्यक्ति को आंखों में ज्यादा जलन, सूजन या दर्द महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेकर उपचार कराना चाहिए।
डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि आई फ्लू के मामले धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। लोग समय पर इलाज कराएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।