Summer express, ईरान | फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब फुटबॉल के मैदान तक पहुंच गया है। ईरान की राष्ट्रीय टीम, टीम मेल्ली, पहले टूर्नामेंट से बहिष्कार की धमकी दे चुकी थी, लेकिन अब खेलने के लिए तैयार है। हालांकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अपने मैचों के लिए अमेरिका की धरती पर कदम नहीं रखेगा।
ईरान के फुटबॉल प्रमुख मेहदी ताज ने पुष्टि की कि टीम वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटी है और आगामी मैचों के लिए तुर्की में ट्रेनिंग कैंप आयोजित करेगी। वहां टीम दो फ्रेंडली मैच भी खेलेगी। इससे पहले ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने कहा था कि देश में हालिया राजनीतिक घटनाओं और सुरक्षा खतरों के कारण ईरान वर्ल्ड कप से हट सकता है। अब ईरान ने बहिष्कार का निर्णय बदलते हुए एक नई शर्त रखी है – उनके मैच अमेरिका में नहीं होने चाहिए।
ईरान ने फीफा से अपने ग्रुप मैचों को किसी अन्य देश में शिफ्ट करने की मांग की है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं – फरवरी के अंत से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सुरक्षा को लेकर दी गई चेतावनी। ईरान का कहना है कि अमेरिका में मैच खेलना उनकी टीम के लिए जोखिमपूर्ण होगा।
इस मुश्किल परिस्थिति में मेक्सिको ने मदद का हाथ बढ़ाया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने 17 मार्च को कहा कि अगर ईरान चाहे तो अपने ग्रुप मैच मेक्सिको में खेल सकता है। चूंकि वर्ल्ड कप 2026 संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में हो रहा है, इसलिए मैच का वेन्यू बदलना तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन अंतिम निर्णय फीफा का होगा।
ईरान पहले ही वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर चुका है। जून में उसे बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच खेलने हैं, जो फिलहाल अमेरिका में प्रस्तावित हैं। फीफा ने स्पष्ट किया है कि सभी टीमों से संपर्क किया गया है, लेकिन अभी तक शेड्यूल बदलने का कोई इरादा नहीं है और संस्था चाहती है कि सभी मैच तय समय और स्थान पर ही हों।