Summer express/शिमला,संजू -: हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में बढ़ता कर्ज और अधूरे वादे जनता के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। उन्होंने दावा किया कि आगामी बजट से लोगों को राहत मिलने की संभावना कम है।
भाजपा की एक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बिंदल ने कहा कि वर्ष 2022 के चुनावों में किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक सहायता और युवाओं को रोजगार देने की घोषणाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये अभी तक जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पर हजारों करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ गया है, जिससे वित्तीय स्थिति पर दबाव बना है। उनके अनुसार, इसके बावजूद विकास कार्यों की गति धीमी पड़ी है और कई परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।
बिंदल ने यह भी कहा कि महंगाई का असर आम लोगों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बिजली, पानी, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं की लागत बढ़ने से जनता को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी चुनौतियों की बात करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी से सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासनिक फैसलों में स्पष्टता और दीर्घकालिक योजना की कमी दिखाई देती है। उनके अनुसार, मौजूदा स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि जनता को राहत मिल सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।