Summer express /हमीरपुर, अरविन्द -:हमीरपुर के निकट बडू क्षेत्र में पीलिया (जॉन्डिस) के मामलों को लेकर पिछले दिनों दहशत का माहौल बना रहा, जहां अब तक कुल 47 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों से इस क्षेत्र में पीलिया का कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है। इसके अलावा, अब तक 39 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि बाकी मरीज घर पर सुरक्षित हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
यह मामला 11 जनवरी को सामने आया था, जिसके बाद स्वास्थ्य और जल शक्ति विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाई। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि लगभग 10 गांव इस संक्रमण की चपेट में आए, जिनमें स्वाहल, भाटी, मझोट सहित अन्य गांव शामिल हैं। अचानक मामलों में वृद्धि होने से स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बन गया था।जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने बताया कि विभाग को इस समस्या की जानकारी सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए मिली थी। इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी जल स्रोतों और पानी के टैंकों की सफाई और जांच सुनिश्चित करवाई। विभाग की ओर से क्षेत्र में मौजूद प्रमुख जल आपूर्ति योजनाओं — बडू मोहीं, मोहीं बडू, जमाली मंदिर और व्यास नदी — के पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, जो सामान्य और सुरक्षित पाए गए हैं।हालांकि, जांच के दौरान स्वाहल स्कूल के हैंडपंप से लिए गए पानी के नमूने दूषित पाए गए। यह वही स्थान है जहां करीब 13 पीलिया के मामले सामने आए थे, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा बडू पॉलिटेक्निकल कॉलेज में भी लगभग 13 मामले दर्ज किए गए, हालांकि वहां के हैंडपंप के पानी की जांच सामान्य पाई गई। अधिकारियों का मानना है कि यहां रहने वाले छात्रों के पीजी में रहना और अन्य बाहरी कारण भी संक्रमण फैलने के पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं।
नीरज भोगल ने बताया कि 17, 18 और 19 मार्च को क्षेत्र में पीलिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जो एक सकारात्मक संकेत है और यह दर्शाता है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विभाग की जल आपूर्ति योजनाओं के माध्यम से संक्रमण फैल रहा होता, तो इसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इस बीच, विभाग ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर भी जांच करवाई। जांच में यह सामने आया कि इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक निजी स्वीट्स शॉप की गंदे पानी की पाइप से रिसाव हो रहा था, जिससे दूषित पानी नीचे की ओर बह रहा था। हालांकि यह रिसाव विभाग की जल आपूर्ति योजनाओं से सीधे जुड़ा नहीं पाया गया, फिर भी एहतियात के तौर पर संबंधित दुकान के मालिक को नोटिस जारी किया गया है और उससे जवाब मांगा गया है।
प्रशासन ने सभी लोगों से अपील की है कि वे केवल उबला हुआ या शुद्ध पानी ही पिएं, व्यक्तिगत और आसपास की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, और किसी भी संदिग्ध लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग ने भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और लगातार सैंपलिंग तथा जांच का कार्य जारी है, ताकि संक्रमण को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।फिलहाल बडू क्षेत्र में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन प्रशासन और जल शक्ति विभाग पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।