यमुनानगर, समर न्यूज ब्यूरो -:यमुनानगर के रटौली रोड स्थित शंकर विहार इलाके में अवैध रूप से संचालित एक प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट पर मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (CM फ्लाइंग) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस रेड से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करीब तीन घंटे तक चली इस संयुक्त कार्रवाई में प्रदूषण नियंत्रण विभाग, फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीमें भी शामिल रहीं।
जांच के दौरान अधिकारियों को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के चलाई जा रही थी। हैरानी की बात यह रही कि यूनिट के बाहर कोई पहचान बोर्ड तक नहीं लगाया गया था, जिससे उसकी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश साफ नजर आई। अंदर वेस्ट प्लास्टिक प्रोसेसिंग का काम किया जा रहा था, जहां प्रदूषण से संबंधित नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी।फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा मानकों का भी घोर उल्लंघन पाया गया। वहां न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद थे और न ही आग से बचाव के इंतजाम। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। मौके पर मौजूद मुंशी महेंद्र ने अधिकारियों को बताया कि मालिक से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद मालिक न तो वहां पहुंचा और न ही फोन पर संपर्क में आया।सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि यह फैक्ट्री घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र के बीच संचालित हो रही थी। प्लास्टिक प्रोसेसिंग से निकलने वाला जहरीला धुआं और रासायनिक तत्व आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में यूनिट के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए हैं। साथ ही पर्यावरण से जुड़े नियमों का भी गंभीर उल्लंघन सामने आया है। फिलहाल फैक्ट्री को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, फरार फैक्ट्री मालिक की तलाश के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।