Summer express,चंडीगढ़ | हरियाणा में बढ़ते साइबर अपराध और जबरन वसूली की कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के डीजीपी अजय सिंघल ने ‘अभेद्य ऐप’ लॉन्च किया, जो संदिग्ध कॉल्स की पहचान, रिकॉर्डिंग और ट्रैकिंग में मदद करेगा। इस ऐप के जरिए आम लोग आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे और समय रहते पुलिस सहायता प्राप्त कर पाएंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह ऐप आधुनिक तकनीक पर आधारित है और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायक होगा। इससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और फोन आधारित अपराधों पर अंकुश लगेगा।
डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि साइबर अपराधी अब आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों के परिवारों को भी निशाना बना रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उनकी पत्नी को भी ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़ी फर्जी कॉल आई थी, जिससे इस खतरे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कई बार विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स की जानकारी जुटाने में टेलीकॉम कंपनियों से सहयोग नहीं मिल पाता, जिससे जांच प्रभावित होती है। इसके बावजूद हरियाणा पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। अब तक 17 अपराधियों को विदेश से डिपोर्ट किया जा चुका है, 800 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 178 फिरौती कॉल्स दर्ज हुई थीं, जो 2025 में घटकर 108 रह गई हैं। इसे पुलिस की सख्ती और कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है।
डीजीपी ने बताया कि ‘अभेद्य ऐप’ संदिग्ध विदेशी कॉल्स और मैसेज को ब्लॉक करने में भी सक्षम है। उन्होंने खासतौर पर व्यापारियों और आम नागरिकों से इस ऐप को डाउनलोड करने की अपील की है। इसके साथ ही बैंकिंग सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो-स्तरीय ओटीपी जैसी अतिरिक्त व्यवस्था लागू करने पर भी काम जारी है।
हरियाणा पुलिस का यह कदम डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक मजबूत पहल माना जा रहा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा और भरोसे को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।