Summer Express,शिमला | हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय और कल्याण के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए दिव्यांगों और निराश्रितों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का निर्णय लिया है। इससे पहले प्रदेश में लगभग 7,000 लाभार्थियों को 1,700 रुपये मासिक पेंशन मिलती थी।
साथ ही, सुंदरनगर संस्थान में 200 श्रवण एवं दृष्टिबाधित बालिकाओं के लिए प्रवेश की सुविधा बढ़ाई जाएगी। यह प्रदेश का एकमात्र सरकारी संस्थान है जो दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित छात्रावास प्रदान करता है। प्रस्तावित विस्तार के तहत संस्थान की क्षमता 150 से बढ़ाकर 200 कर दी जाएगी, जिससे 50 अतिरिक्त बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और देखभाल मिल सकेगी।
इसके अलावा, मानसिक बीमारी से ठीक हो चुके उन व्यक्तियों के लिए, जिन्हें परिवार ने अपनाया नहीं है, सरकार दो नए हाफ वे होम स्थापित करेगी। इन हाफ वे होम के संचालन के लिए 90:10 के अनुपात में अनुदान दिया जाएगा। स्वीकृत संस्थाओं को रखरखाव के लिए 50 लाख रुपये वार्षिक और 10 लाख रुपये एकमुश्त व्यय की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा, समान अवसर और गुणवत्ता पूर्ण सुविधाएं प्रदान करना है। इन नई पहलों से न केवल दिव्यांग और निराश्रित वर्ग को आर्थिक और शैक्षणिक मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा।
सरकार का यह कदम सामाजिक समावेश और संवेदनशीलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जो प्रदेश के कमजोर वर्गों की भलाई सुनिश्चित करेगा।