Summer express, तेहरान | मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से भारी शुल्क वसूल रहा है। ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी के हवाले से बताया गया है कि कुछ व्यापारी जहाजों से करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 16-17 करोड़ रुपये) तक की फीस वसूल रहे हैं। इसे ईरान ने अपनी “सत्ता और नियंत्रण” दिखाने का कदम बताया है।
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और LNG इसी मार्ग से गुजरता है। यह एशिया, यूरोप और अमेरिका के लिए ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन माना जाता है।
ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग पर आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इससे वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल केवल “मित्र देशों” या तटस्थ जहाजों को गुजरने की इजाजत दी जाएगी। कुछ भारतीय जहाजों और एक पाकिस्तानी तेल टैंकर को पहले ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति मिल चुकी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके जवाब में ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया, तो वह पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है और इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होगी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ेगा और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। वर्तमान स्थिति वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरे का संकेत देती है।