Summer express, पानीपत | गोहाना रोड स्थित पुराने शुगर मिल के मलबे को अब लगभग 5.38 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी की जा रही है। यह वही मलबा है जिसकी वर्ष 2022 में वैल्यू 8.77 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन उस समय कम रेट के कारण इसे नहीं बेचा जा सका। इस मुद्दे को लेकर कुछ लोग घोटाले के आरोप भी लगा रहे हैं, जबकि अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, 2022 से अब तक मलबे की बिक्री को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं। बार-बार टेंडर प्रक्रिया इसलिए रुकी क्योंकि प्रस्तावित कम कीमत के कारण कोई भी खरीदार रुचि नहीं दिखा रहा था। जिले की नई शुगर मिल अब डाहर गांव के पास संचालित हो रही है, जबकि पुरानी मिल का परिसर लगभग 70 एकड़ में फैला हुआ है।
पुरानी शुगर मिल केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं है, बल्कि इसका परिसर प्रशासनिक और आवासीय ढांचे से भी युक्त है। यहां कुल 11 बड़ी कोठियां, एक रेस्ट हाउस और कर्मचारियों के लिए विभिन्न श्रेणियों के क्वार्टर मौजूद हैं। इनमें सी टाइप के 36 क्वार्टर, बी टाइप के 48 क्वार्टर और ए टाइप के 20 क्वार्टर शामिल हैं।
शुगर मिल के एमडी संदीप पहल ने बताया कि बोर्ड की बैठक में इस विषय पर डीसी से चर्चा की गई थी। सभी कार्य शुगर फेडरेशन की सहमति से किए जा रहे हैं। वैल्यूएशन पीडब्ल्यूडी से कराई गई है और बिक्री की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हो रही है। संदीप पहल ने यह भी कहा कि मलबे से जुड़ी सभी आवश्यक रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध हैं और जांच के लिए प्रस्तुत किए जा सकते हैं।