Summer express,झज्जर | संवाद भवन परिसर में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा का काफिला जब बाहर निकल रहा था, तभी हसनपुर निवासी जगवती नामक महिला अचानक मंत्री की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई और रोते-रोते अपनी पीड़ा साझा की। महिला ने 2013 में खरीदे गए 300 गज के प्लॉट में धोखाधड़ी का आरोप लगाया और बताया कि पूरी राशि का भुगतान करने के बावजूद उसे रजिस्ट्री नहीं दी गई। साथ ही, आरोपित पक्ष से जान से मारने की धमकियां मिलने की भी बात कही।
महिला पुलिसकर्मियों के हटाने के बावजूद गाड़ी के सामने रुकी रही, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारी सकते में आ गए। मंत्री श्याम सिंह राणा ने तुरंत गाड़ी रोकी और महिला की पूरी आपबीती सुनी। इसके बाद उन्होंने डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल को महिला के दस्तावेज दिखाने के निर्देश दिए। डीसी ने दस्तावेजों की प्राथमिक जांच के बाद आश्वासन दिया कि यदि धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार संबंधित पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना, लेकिन प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। मंत्री के हस्तक्षेप से महिला की शिकायत तुरंत अधिकारियों तक पहुंची और उचित जांच का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जगवती ने बताया कि पूरे मामले में उसने कई बार संबंधित पक्ष से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री श्याम सिंह राणा ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों के माध्यम से महिला और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
यह घटना झज्जर में जनता और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का उदाहरण भी बन गई, जहां नागरिक ने अपनी शिकायत मंत्री के सामने रखकर न्याय की उम्मीद जताई।