Summer Express,शिमला। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस तय करने के लिए भविष्य में कानून में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान एक्ट में निजी स्कूलों की फीस निर्धारण का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। इस दिशा में अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु ने अपने-अपने कानूनों में बदलाव कर निजी स्कूलों की फीस संरचना को नियंत्रित करने की व्यवस्था की है।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक राम कुमार के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में बढ़ते शिक्षा व्यवसाय और वार्षिक शुल्क के नाम पर लिए जा रहे पुनः प्रवेश शुल्क को समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर सवाल पूछा गया था, जिस पर उन्होंने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं, लेकिन यह प्रावधान अभी पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। सरकार इस पर निगरानी बनाए हुए है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रश्नकाल के दौरान ही विधायक हरदीप बाबा द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और सभी स्ट्रीम वाले कॉलेजों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। उन्होंने जानकारी दी कि जिन कॉलेजों का कार्य 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, उनके लिए मुख्यमंत्री ने बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।