Summer express,चरखी दादरी। हरियाणा के भिवानी जिले के चरखी दादरी क्षेत्र के रानीला गांव में बेटी के जन्म पर अनोखा और प्रेरणादायक जश्न देखने को मिला, जिसने समाज में बेटा-बेटी के बीच समानता का संदेश दिया। यहां दादा रमेश गिल ने अपनी पोती के आगमन पर खुशी जताते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ उसका भव्य स्वागत किया और पूरे परिवार के साथ उत्सव मनाया।
जानकारी के अनुसार, रमेश गिल के पुत्र साहिल और पुत्रवधु साक्षी को हाल ही में एक बेटी का आशीर्वाद मिला, जिसका नाम सान्वी रखा गया। परिवार ने इस खुशी को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाने के बजाय एक सकारात्मक संदेश देने का निर्णय लिया। दादा रमेश गिल ने न केवल बेटी के जन्म पर जश्न मनाया, बल्कि गांव के लोगों, रिश्तेदारों और मित्रों को आमंत्रित कर भोज का आयोजन भी किया।
इस अवसर पर पूरे परिवार और ग्रामीणों ने मिलकर खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में जलवा पूजन भी किया गया और नवजात का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। परिवार का मानना है कि समाज में बेटियों को समान सम्मान मिलना चाहिए और इस तरह के आयोजन लोगों की सोच में बदलाव लाने में मदद करते हैं।
रमेश गिल ने बताया कि उनके परिवार में बेटा और बेटी में कोई भेदभाव नहीं किया जाता और वे इस सकारात्मक परंपरा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को भी इस सोच को अपनाने की आवश्यकता है ताकि बेटियों को भी उतना ही सम्मान और अवसर मिल सके जितना बेटों को दिया जाता है। इस पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है और इसे बदलते समाज की सकारात्मक सोच का उदाहरण माना जा रहा है।