Summer express,नूंह | नूंह जिले के पिनगवां कस्बे से पलवल के बीच चलने वाली निजी बसों में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। इस रूट पर रोडवेज बसों की कमी के कारण लोगों को मजबूरी में निजी और अक्सर अनफिट बसों में सफर करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन बसों में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भरी जाती हैं। जहां नियमों के तहत बसों में लगभग 50 से 55 यात्रियों की ही अनुमति होती है, वहीं इन बसों में 60 से 70 तक यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है। कई बार तो हालात ऐसे होते हैं कि यात्रियों को इंजन के ऊपर तक बैठना पड़ता है।
इन बसों में न तो फर्स्ट एड किट उपलब्ध होती है और न ही अग्निशमन यंत्र जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण मौजूद होते हैं। इसके अलावा, बसों का न तो कोई निर्धारित समय होता है और न ही ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाता है। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
स्थानीय नागरिकों आजम खान, शहाबुद्दीन, वासिद अली, बिलाल अहमद और फैजान का कहना है कि रोडवेज बसों की कमी के चलते उन्हें जोखिम उठाकर निजी बसों में यात्रा करनी पड़ती है। उन्होंने प्रशासन और यातायात पुलिस से इस ओर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण यह स्थिति बनी हुई है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग नियमित जांच कर अनफिट बसों पर रोक लगाए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही, यात्रियों को भी सतर्क रहने और सुरक्षित विकल्प चुनने की सलाह दी जा रही है।