Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र और हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक गतिविधियों को गति देते हुए विधानसभा स्तर पर रैलियों का आयोजन तेज कर दिया है। मार्च महीने में एनसीआर क्षेत्र के हरियाणा के तीन जिलों में चार बड़ी रैलियां करने के बाद अब मुख्यमंत्री अप्रैल में कुल सात रैलियों को संबोधित करेंगे, जिनमें से दो रैलियां पंजाब में प्रस्तावित हैं।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान की रणनीति के तहत मुख्यमंत्री को हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी के तहत वह लगातार रैलियों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से दोनों राज्यों में पार्टी की पकड़ को विस्तार देने में जुटे हैं।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा वहां अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के आवास पर प्रतिदिन पंजाब से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें हो रही हैं, जिनमें चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर तैयारी को लेकर मंथन किया जा रहा है।
हरियाणा में पार्टी की योजना उन विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने की है, जहां भाजपा का कोई विधायक नहीं है और विपक्ष के प्रतिनिधि मौजूद हैं। ऐसे क्षेत्रों में जनसभाओं के माध्यम से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सरकार की नीतियों को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्तमान में 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक भी भाजपा के समर्थन में हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के 37 विधायक और इनेलो के दो विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे, जबकि चार विधायकों के वोट रद्द हुए थे। इनेलो के दोनों विधायकों ने मतदान से दूरी बनाए रखी थी।