Summer Express,पंचकूला। नगर निगम पंचकूला के करीब 160 करोड़ रुपये के एफडी गबन मामले में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की जांच में अब यह संकेत मिले हैं कि इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड कोटक महिंद्रा बैंक का डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंद्र सिंह हो सकता है, जिसका संपर्क कथित तौर पर कई प्रभावशाली लोगों और अधिकारियों से रहा है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप राघव ने रिमांड के दौरान पूछताछ में पुष्पिंद्र सिंह को इस पूरे प्रकरण का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। जांच में यह भी सामने आया है कि पुष्पिंद्र का सीधा संपर्क सह-आरोपी रजत से था, जिसे इस घोटाले की अहम कड़ी माना जा रहा है।
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि रजत के बैंक खाते में नगर निगम पंचकूला के करीब 70 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा एक अन्य महिला की भूमिका की भी एसीबी को तलाश है, जिसकी इस मामले में संलिप्तता संदिग्ध मानी जा रही है।
रजत से रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एसीबी ने आगे की कार्रवाई करते हुए सरहिंद के पास राजपुरा निवासी कपिल को भी गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि नगर निगम के खाते से करीब 2.36 करोड़ रुपये कपिल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा घोटाला सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें कई बैंक खातों के जरिए धनराशि को निजी खातों में स्थानांतरित किया गया। एसीबी अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे तथा गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।