Summer express,चंडीगढ़। राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए क्रॉस वोटिंग विवाद में फंसे विधायकों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने उन चार विधायकों को क्लीन चिट दे दी है, जिनके वोट चुनाव के दौरान रद्द हुए थे, जबकि क्रॉस वोटिंग के आरोप में आए पांच विधायकों पर कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वोट रद्द होने वाले चार विधायकों को दोषी नहीं माना जाएगा। पार्टी का मानना है कि वोट रद्द होने की जिम्मेदारी संबंधित प्रक्रिया और रिटर्निंग अधिकारी से जुड़ी है, न कि विधायकों से।
वहीं, जिन पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप हैं, उन्हें पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना जा रहा है। इन विधायकों में रतिया से जरनैल सिंह, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास, हथीन से मोहम्मद इसराइल, नारायणगढ़ से शैली चौधरी और सढ़ौरा से रेणुबाला शामिल हैं। हालांकि इन सभी ने आरोपों को खारिज किया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व उन्हें दोषी मान रहा है।
पार्टी ने इन विधायकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए थे, जिनमें से अधिकांश के जवाब भी प्राप्त हो चुके हैं। कांग्रेस अनुशासन समिति अब 3 अप्रैल को चंडीगढ़ में बैठक कर अंतिम निर्णय लेगी।
विधायक दल का मत है कि पार्टी के साथ अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। दूसरी ओर, संगठन के भीतर इस मुद्दे को लेकर गुटबाजी और असहमति की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि पार्टी हित सर्वोपरि रहेगा।