Summer express, फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित QRG एशिया मीनिंग अस्पताल में इलाज के दौरान तीन महीने के एक बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत के बाद अस्पताल ने उसका शव देने से पहले पूरा बिल जमा करने की शर्त रखी।
जानकारी के अनुसार, बच्चे को दिल से जुड़ी समस्या के चलते 23 तारीख को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, भर्ती के दौरान डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और इलाज का खर्च करीब 4 से 5 लाख रुपये बताया। इसके लिए परिजनों ने कर्ज लेकर लगभग 5 लाख रुपये का इंतजाम किया और बच्चे का इलाज शुरू कराया।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान शुरुआत में डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति ठीक बताई, ऑपरेशन के बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और बाद में नॉर्मल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि, कुछ दिनों बाद अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे दोबारा वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इलाज के दौरान सही जानकारी नहीं दी गई और बच्चे की स्थिति में अचानक गिरावट आई। दादी वंदना ने बताया कि इलाज के दौरान बिलिंग को लेकर भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और बाद में 10 दिन के पैकेज के नाम पर करीब 5 लाख रुपये का खर्च बताया गया, जबकि अलग-अलग समय पर अलग-अलग राशि बताई जाती रही।
मामले में परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से पहले करीब 4 लाख रुपये के लंबित बिल के भुगतान की शर्त रखी। इस पर परिजनों ने अस्पताल परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और हंगामा किया।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल की ओर से बातचीत के लिए कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया और न ही किसी प्रकार का समाधान दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।