Summer express, वाराणसी। उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार के कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। वाराणसी की अदालत ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शुभम को भगोड़ा घोषित कर दिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह दुबई फरार हो गया है, जिसके चलते अब उसे भारत वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाने में दर्ज मामले के तहत शुभम को 30 मार्च 2026 तक अदालत में पेश होने का अंतिम अवसर दिया गया था। इससे पहले पुलिस ने उसके घर पर नोटिस चस्पा किया और ढोल-नगाड़ों के साथ सार्वजनिक मुनादी कराकर उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट ने उसे आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने नशीले कफ सिरप के इस अवैध नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ को कमजोर करने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल की अब तक करीब 28 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जांच के दौरान गिरोह से जुड़े 13 बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्यों विकास सिंह, प्रतीक और प्रशांत की संपत्तियों की कुर्की को लेकर 18 अप्रैल 2026 को अदालत में सुनवाई निर्धारित है।
एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शुभम जायसवाल नशीले कफ सिरप की सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का प्रमुख सदस्य है। उसके दुबई में मौजूद होने की प्रबल आशंका है, ऐसे में पुलिस प्रत्यर्पण संधि या इंटरपोल की सहायता से उसे भारत लाने की दिशा में काम कर रही है। जल्द ही उसके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
इसी मामले से जुड़े 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू पर भी पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। उसके खिलाफ धारा 82 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यदि वह निर्धारित समय पर पेश नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति कुर्क करने के साथ उसे भी भगोड़ा घोषित किया जा सकता है।