Summer Express,मंडी | हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के चक्कर क्षेत्र में मिल्कफेड के मिल्क प्लांट के बाहर शनिवार को बड़ा विवाद देखने को मिला। लगातार दूसरे दिन दूध न लिए जाने से नाराज पशुपालकों ने अपना करीब 1200 लीटर दूध प्लांट के गेट के बाहर ही उड़ेल दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
जानकारी के अनुसार, मिल्क प्लांट प्रबंधन द्वारा दूध की खरीद पर कट लगाने और क्षमता से अधिक दूध होने का हवाला देते हुए पशुपालकों से दूध लेने से इंकार किया गया। इससे नाराज बल्ह क्षेत्र के एक पशुपालक ने गाड़ी में लाया गया पूरा दूध प्लांट के बाहर खाली कर दिया और सरकार व व्यवस्था पर सवाल उठाए।
वायरल वीडियो में पशुपालक प्रदेश सरकार की नीतियों और “व्यवस्था परिवर्तन” के दावों पर भी नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि चक्कर स्थित मिल्क प्लांट में महीने में कई बार ऐसे हालात बनते हैं, जब एरिया वाइज कट लगाकर दूध खरीद बंद कर दी जाती है।
पशुपालक रवि सैनी ने बताया कि वह पिछले चार साल से डेयरी फार्मिंग कर रहे हैं और उनके पास लगभग 30 गाय हैं। उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये का कर्ज लेकर यह व्यवसाय शुरू किया है। सैनी के अनुसार, दूध की बिक्री न होने और बार-बार कट लगाए जाने से उन्हें हर महीने भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिससे बैंक लोन चुकाना भी मुश्किल हो रहा है।
वहीं, मिल्कफेड चक्कर प्लांट के प्रभारी विश्वकांत शर्मा ने कहा कि प्लांट की क्षमता केवल एक लाख लीटर है और इससे अधिक दूध को स्टोर करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी कारण एरिया वाइज दूध खरीदा जा रहा है और पशुपालकों को पहले ही इस बारे में निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है।
यह पहला मामला नहीं है जब प्रदेश में पशुपालकों को दूध भुगतान और खरीद संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी कई बार भुगतान में देरी और कटौती को लेकर पशुपालकों ने नाराजगी जताई है।