शिमला,संजू-: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अहम संकेत देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि आगामी पंचायत चुनाव पार्टी के आधार पर नहीं लड़े जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यसमिति की पहली बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंचायत स्तर पर चुनाव गैर-पार्टी आधार पर होंगे, इसलिए कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना हुआ है और इसी समन्वय के तहत राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में पंचायत चुनावों की रणनीति सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंचायत चुनावों में पार्टी का कोई सिंबल नहीं होगा, इसलिए संगठन किसी भी कार्यकर्ता को चुनाव लड़ने से नहीं रोकेगा। कार्यकर्ता अपनी पसंद के क्षेत्र से प्रधान या बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) का चुनाव लड़ सकते हैं।इस दौरान मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा महिला आरक्षण बिल के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना परिसीमन के महिला आरक्षण बिल लाना केवल एक राजनीतिक कदम है और इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में खड़ी रही है। उन्होंने याद दिलाया कि सोनिया गांधी ने राज्यसभा में महिला आरक्षण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाया था। साथ ही राजीव गांधी द्वारा 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के मुद्दे पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है, न कि इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जाए।