शिमला,संजू-:कोटखाई के एसडीएम अभिषेक भरवाल ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बर्फबारी से हुए नुकसान को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तेज कर दिया है ताकि जल्द मुआवजा दिया जा सके। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की भी तैयारी की जा रही है।
कोटखाई क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि ने खासकर सेब की फसलों और कृषि भूमि को काफी नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन ने इस नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे प्रक्रिया शुरू कर दी है। पटवारी स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे तहसीलदार के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा। इसके बाद पात्र प्रभावितों को हिमाचल प्रदेश राहत मैन्युअल के तहत मुआवजा प्रदान किया जाएगा। फिलहाल खनेटी और आसपास की पंचायतों का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि अन्य क्षेत्रों में काम तेजी से जारी है।
वहीं, कोटखाई बाजार में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने सुबह 8:30 बजे से 10 बजे तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है, जिससे कुछ राहत मिली है। इसके अलावा कई स्थानों को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से चालान कर रही है। प्रशासन का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वन-वे ट्रैफिक को पूरे दिन के लिए लागू किया जा सकता है।एसडीएम अभिषेक भरवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं फील्ड में जाकर हालात का निरीक्षण करेंगे ताकि ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
नशा मुक्ति को लेकर भी प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। पंचायत स्तर पर कमेटियां गठित की गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। हाल ही में मासहू पंचायत में लोगों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई थी, जिससे इस अभियान को और मजबूती मिली है।आगामी मानसून सीजन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की सूची तैयार की जाएगी, जिसे जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।