ऊना, राकेश-:हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के पेखूबेला में बने सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ डंगे के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जहां एक तरफ संयंत्र को बारिश से बचाने के लिए दीवार खड़ी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ किसान अपनी जमीनों में पानी भरने की आशंका से चिंतित हैं।
ऊना के पेखूबेला में बने सौर ऊर्जा संयंत्र के पास इन दिनों डंगे के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, पिछले साल भारी बारिश के चलते करोड़ों रुपये की लागत से बना यह संयंत्र पानी में डूब गया था, जिससे इसका उत्पादन ठप हो गया था।
अब संयंत्र को दोबारा ऐसे नुकसान से बचाने के लिए कई फीट ऊंची सीमेंटेड दीवार बनाई जा रही है और बारिश के पानी को डायवर्ट करने की योजना पर काम हो रहा है।लेकिन इस निर्माण को लेकर आसपास के किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि पानी के डायवर्जन से उनकी सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न हो सकती है। उनका आरोप है कि डंगा बनने के बाद बारिश का सारा पानी उनकी खेतों में भर जाएगा, जिससे गेहूं, मक्का और अन्य नकदी फसलें बर्बाद हो सकती हैं।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी विधायक सतपाल सत्ती ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और किसानों से बातचीत की.सतपाल सत्ती ने कहा कि पिछली बारिश में संयंत्र के डूबने के पीछे इसकी डीपीआर में खामियां थीं और इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के निर्माण में जल्दबाजी और अनियमितताएं बरती गईं।उन्होंने कहा कि अब संयंत्र को बचाने के लिए बनाया जा रहा डंगा किसानों के लिए नई समस्या बन सकता है। अगर पानी की सही निकासी नहीं की गई तो किसानों की जमीन बर्बाद हो सकती है।सत्ती ने प्रशासन से अपील की कि ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे न तो संयंत्र को नुकसान हो और न ही किसानों की फसलें प्रभावित हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने उठाकर जल्द समाधान करवाने की कोशिश करेंगे।