Summer express/शिमला, संजू -:महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण बिल वर्ष 2023 में संसद से पारित हो चुका है और कांग्रेस ने इसका पूरा समर्थन किया था। उन्होंने याद दिलाया कि सोनिया गांधी ने राज्यसभा में इस बिल को समर्थन देकर पास करवाने में अहम भूमिका निभाई थी।
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब बिल भाजपा सरकार के दौरान पास हुआ, तो अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा अब डीलिमिटेशन और सीटों की संख्या बढ़ाने का हवाला देकर इसे टाल रही है, जो उसकी नीयत पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल भाजपा “हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और” वाली स्थिति में पहुंच गई है।सुक्खू ने आगे कहा कि जब प्रदेश में आपदा आई थी, तब भाजपा ने कोई धरना नहीं दिया। आरडीजी बंद होने के समय भी पार्टी खामोश रही और केंद्र द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि लाने के लिए भी कोई आंदोलन नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उछाल रही है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है और पूरी पार्टी खड़गे के साथ मजबूती से खड़ी है।कमला नेहरू अस्पताल के गायनी वार्ड को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में बेहतर इलाज उपलब्ध होगा, इसलिए इस मुद्दे पर अनावश्यक आंदोलन करना उचित नहीं है।