Summer express, चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। खनन मंत्री बरिंदर गोयल ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि निगरानी व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाकर और अधिक प्रभावी किया जाए तथा अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य में रेत और बजरी की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वैध और व्यावसायिक खनन साइटों को सक्रिय किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अवैध खनन पर नियंत्रण लगाया जा सके। उन्होंने आधुनिक सॉफ्टवेयर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के उपयोग पर भी जोर दिया।
बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए बरिंदर गोयल ने बाढ़ रोकथाम से जुड़े सभी कार्य 30 जून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की आपात स्थिति से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने नहरी पानी के माध्यम से सिंचित क्षेत्र को वर्तमान 78 प्रतिशत से बढ़ाने पर भी बल दिया, जिससे भूजल पर निर्भरता कम की जा सके।
मंत्री ने नहरी जल आधारित परियोजनाओं में तेजी लाने और सेम-प्रभावित क्षेत्रों के सुधार कार्यों को सभी प्रभावित जिलों तक विस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादन में सुधार के साथ-साथ जल प्रबंधन भी अधिक प्रभावी होगा।
भूमि एवं जल संरक्षण विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक 5253 किलोमीटर लंबी सिंचाई पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे 1.61 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि को लाभ मिला है। इसके अलावा 250 से अधिक गांवों में तालाब आधारित सौर ऊर्जा सिंचाई परियोजनाएं स्थापित की गई हैं, जिनसे हजारों एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है। सेम-प्रभावित क्षेत्रों के सुधार कार्य भी तेजी से जारी हैं और कई गांवों में कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है।