Summer express/चंबा, मंजूर पठान -:हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों तेंदुए की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार एक सप्ताह से तेंदुआ आबादी के नजदीक दिखाई दे रहा है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों और स्कूली बच्चों में भी डर का माहौल बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
चुराह क्षेत्र की भजराडू पंचायत के आसपास बीते कुछ दिनों से तेंदुआ बार-बार नजर आ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इसे पहाड़ी इलाके में दो से तीन बार साफ तौर पर देखा गया है। ताजा घटना में शाम के समय तेंदुआ पहाड़ी के नीचे बैठा दिखाई दिया, जिसके बाद आसपास के गांवों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग घरों से बाहर निकलने में भी हिचकिचा रहे हैं और बच्चों को अकेले भेजने से परहेज कर रहे हैं।चिंता की बात यह है कि जिस स्थान पर तेंदुआ देखा गया, वह उपमंडल मुख्यालय से काफी नजदीक है। एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, खंड विकास अधिकारी कार्यालय और थाना तीसा से यह जगह लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी सतर्क रहना पड़ रहा है। शाम ढलते ही इस मार्ग पर आवाजाही कम हो गई है।
इसके अलावा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तीसा से सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना पैदल घर लौटते हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद लगभग चार बजे के आसपास बच्चे उसी रास्ते से गुजरते हैं, जहां तेंदुआ दिखाई दिया है। अभिभावकों को आशंका है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में तेंदुए को कई बार देखा जा चुका है, लेकिन अभी तक वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तेंदुए को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी अप्रिय घटना की आशंका खत्म हो।
इस संबंध में चुराह वन मंडल अधिकारी सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि कई बार जंगली जानवर अपने प्राकृतिक आवास से भटक कर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वन विभाग की टीम जल्द मौके पर भेजी जाएगी और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल तेंदुए द्वारा किसी पर हमले की सूचना नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।फिलहाल क्षेत्र के लोग सतर्क हैं और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।