Summer express, नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी कूटनीतिक रणनीति को तेज करते हुए रूस, ओमान और पाकिस्तान के साथ मिलकर नई रूपरेखा तैयार की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हालिया दौरों के जरिए अमेरिका के साथ संभावित बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश की है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई बैठकों को ईरान ने बेहद अहम बताया है। इन चर्चाओं के दौरान अमेरिका-ईरान वार्ता को दोबारा शुरू करने की संभावनाओं और शर्तों पर विस्तार से विचार किया गया। माना जा रहा है कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक अपनी ‘रेड लाइन्स’ भी पहुंचाई हैं।
इन शर्तों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, भविष्य में किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने की गारंटी और हुए नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान एक संभावित मध्यस्थ के रूप में उभरता नजर आ रहा है।
इसके बाद ओमान में हुई बातचीत में हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा प्रमुख मुद्दा रहा। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान और ओमान ने इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
वहीं, रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में ईरानी विदेश मंत्री की राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात भी अहम मानी जा रही है। इस दौरान क्षेत्रीय संघर्ष, संभावित युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा होने की संभावना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव भी रखा है, जिसमें पहले क्षेत्र में शांति बहाल करने और हॉर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया गया है। इसके बाद ही किसी बड़े मुद्दे, जैसे परमाणु कार्यक्रम, पर बातचीत आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, ईरान इस समय बहुपक्षीय बातचीत के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी वार्ता में उसे बेहतर कूटनीतिक बढ़त मिल सके।