summer express, सोनीपत | सोनीपत में बदले मौसम ने आम जनता और आढ़तियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को रातभर परेशान किया, वहीं दूसरी ओर बेमौसमी बारिश ने खरखौदा अनाज मंडी में खुले में रखे लाखों बोरी गेहूं को नुकसान पहुंचाया।
पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ने के कारण बिजली की मांग में तेज इजाफा हुआ है। एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग से ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ गया, जिससे बार-बार फाल्ट और बिजली गुल होने की समस्या सामने आई। शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी में रात गुजारनी पड़ी।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली कटौती के साथ लो-वोल्टेज की समस्या भी बनी रही, जिससे घरेलू उपकरण खराब होने का खतरा बढ़ गया। शिकायत केंद्रों पर 500 से अधिक कॉल पहुंचीं, लेकिन लोगों को संतोषजनक समाधान नहीं मिला, जिससे बिजली निगम के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।
वहीं, खरखौदा अनाज मंडी में उठान में देरी के चलते हालात और बिगड़ गए। रात को हुई बारिश में करीब तीन लाख बोरी गेहूं भीग गया, जिससे आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आढ़तियों का आरोप है कि अगर खरीद एजेंसियां और ट्रांसपोर्ट समय पर उपलब्ध होते, तो इस नुकसान से बचा जा सकता था।
अब भीगे गेहूं को दोबारा खोलकर सुखाने और फिर से पैक करने की प्रक्रिया करनी होगी, जिससे अतिरिक्त खर्च और समय दोनों लगेगा। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान नरेश दहिया ने बताया कि प्रशासन को पहले ही उठान तेज करने और शेड निर्माण पूरा करने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
हालांकि, तेज हवाओं और बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है, जिससे फिलहाल गर्मी से राहत जारी रह सकती है।
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान एहतियातन कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति रोकनी पड़ती है, लेकिन फिलहाल सप्लाई सामान्य है और शिकायतों के समाधान के लिए टीमें सक्रिय हैं।