Summer express, नारनौल | भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत झेल रहे नारनौल शहर के लिए राहत भरी खबर है। जन स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 2.58 करोड़ रुपये की विस्तृत योजना तैयार की है, जिससे शहर में लंबे समय से बनी जल समस्या को काफी हद तक दूर करने की उम्मीद है।
विभाग द्वारा दिसंबर 2025 में यह प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। योजना को मंजूरी मिलते ही शहर में जल आपूर्ति ढांचे को मजबूत करने का काम शुरू किया जाएगा।
फिलहाल हालात यह हैं कि नहर से समय पर पानी नहीं मिलने के कारण शहर के अधिकांश जल टैंकों में जल स्तर काफी नीचे पहुंच गया है। कई टैंकों में पानी 1-2 फुट तक ही सीमित रह गया, जिससे मोटर भी पानी उठाने में असमर्थ हो गई। ऐसे में विभाग को पानी की सप्लाई में कटौती करनी पड़ी और टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है।
शहर में वर्तमान में 10 जल टैंक हैं, जिनमें से 4 रेवाड़ी रोड और 6 नसीबपुर क्षेत्र में स्थित हैं। इनके जरिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जाती है। बढ़ती आबादी और क्षेत्र विस्तार के कारण पानी की मांग में तेजी से इजाफा हुआ है। नगर परिषद क्षेत्र अब 25 से बढ़कर 31 वार्ड का हो चुका है, जिसमें 6 गांव भी शामिल किए गए हैं।
नई योजना के तहत 5 अतिरिक्त जल टैंक और 11 नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही शहर में करीब 175 किलोमीटर लंबी विभिन्न व्यास की पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है, जिससे हर इलाके में पर्याप्त दबाव के साथ पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो सके।
नए जल टैंकों के निर्माण के लिए गांव कोजिंदा में 6 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा पटीकरा, रेवाड़ी रोड और नसीबपुर क्षेत्रों में भी निर्माण कार्य के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
योजना के तहत पुरानी मंडी, फौजदार कॉलोनी, केशव नगर, हीरा नगर, नूनी सेखपुरा, ढाणी किरारोद अफगान, कैलाश नगर, सुभाष नगर, दिल्ली वाली ढाणी और पीजी कॉलेज क्षेत्र में नए बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ताकि सभी इलाकों में समान रूप से जल आपूर्ति हो सके।
इसके साथ ही विभाग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बकाया बिलों पर ब्याज माफी की घोषणा की है। 31 मार्च 2025 तक करीब 17 करोड़ रुपये के बकाया को देखते हुए विभाग ने कहा है कि जो उपभोक्ता 31 मई तक बिल जमा कर देंगे, उनके बकाया पर लगने वाला ब्याज माफ कर दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, योजना लागू होने के बाद शहर में जल संकट की समस्या में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।