Summer express/शिमला, 5 मई —: मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक के दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी) में एकीकृत मातृ एवं शिशु अस्पताल स्थापित करने की संभावनाओं का गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने इस उद्देश्य के लिए सचिव आशीष सिंहमार के नेतृत्व में एक समिति गठित करने को कहा। यह समिति आईजीएमसी परिसर में उपयुक्त स्थान का चयन करेगी, ताकि अस्पताल का संचालन सुचारू और प्रभावी तरीके से किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य मरीजों को एक ही स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।बैठक में मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में नैदानिक सेवाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से सुझाव मांगे कि किस प्रकार मरीजों की जांच और उपचार के लिए प्रतीक्षा अवधि को न्यूनतम या शून्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक मशीनों और उपकरणों की स्थापना के साथ-साथ आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि चिकित्सा,पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों के नए पद सृजित किए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेष सचिव जितेंद्र सांजटा, आईजीएमसी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।