Summer express, रोहतक। हरियाणा में आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने देश में आर्थिक संकट की आशंका को लेकर केंद्र और प्रदेश के नेताओं पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक चुनौतियों से जुड़े बयान का हवाला देते हुए जयहिंद ने कहा कि हर बार संकट के समय जनता से त्याग की उम्मीद की जाती है, लेकिन अब नेताओं और बड़े अधिकारियों को भी अपनी देशभक्ति साबित करनी चाहिए।
नवीन जयहिंद ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर वीडियो जारी कर कहा कि देश गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री भी इसके संकेत दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक किसी मंत्री, सांसद या विधायक ने अपनी एक साल की सैलरी या पेंशन छोड़ने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश कठिन दौर से गुजर रहा है तो जनप्रतिनिधि अपनी आय प्रधानमंत्री राहत कोष में दान क्यों नहीं कर रहे।
वीडियो में जयहिंद ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि यदि दोनों नेता देशहित में अपनी एक साल की पेंशन और वेतन छोड़ने का ऐलान करते हैं तो वह स्वयं भी प्रधानमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये का योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल आम जनता की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि नेताओं और उच्च अधिकारियों को भी आगे आकर त्याग का उदाहरण पेश करना चाहिए।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के दौर का जिक्र करते हुए जयहिंद ने कहा कि उस समय जनता ने देशहित में एक वक्त का भोजन तक छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज भी देश की जनता त्याग के लिए तैयार है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नेता अपने आर्थिक लाभ और सुविधाएं छोड़ने के लिए तैयार हैं।
सोशल मीडिया पर सक्रिय नेताओं पर निशाना साधते हुए जयहिंद ने कहा कि आज की राजनीति में कई नेता केवल दिखावे तक सीमित हो गए हैं। कोई साइकिल चलाकर तस्वीरें खिंचवा रहा है तो कोई बस और ट्रेन में सफर कर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को दिखावटी नहीं बल्कि वास्तविक देशभक्ति की जरूरत है, जिसमें जनप्रतिनिधि खुद आगे बढ़कर अपनी सुविधाओं का त्याग करें।